कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। दिनांक -21 मार्च 2025 को आईएपी कानपुर द्वारा संकल्प स्पेशल स्कूल शास्त्री नगर में विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 50 से 60 बच्चों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ रोली मोहन श्रीवास्तव, सचिव डॉक्टर अमितेश यादव व डॉक्टर आशीष विश्वास ने किया।


डॉ रोली मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि डाउन सिंड्रोम एक आनुवंशिक रोग है ,जोकि क्रोमोसोम 21 के जोड़े में एक अतिरिक्त क्रोमोसोम के जुड़ने से उत्पन्न होता है। विश्व में अनुमानित 1000 में से एक बच्चा डाउन सिंड्रोम के साथ पैदा होता है। अगर मां की उम्र 35 वर्ष से अधिक हो तो इसके होने का खतरा बढ़ जाता है। गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में ही स्क्रीनिंग टेस्ट द्वारा इसका पता लगाया जा सकता है।


डॉ अमितेश यादव ने बताया कि डाउन सिंड्रोम से ग्रसित बच्चे का मानसिक और शारीरिक विकास मुख्य रूप से प्रभावित होता है। इसमें बच्चे का कद छोटा, मांसपेशियां शिथिल, नाक एवं चेहरा चपटा, जीभ मोटी एवं बाहर निकली हुई, गर्दन एवं कान छोटे, आंखें बादाम के आकार की हाथ चौड़े एवं छोटे होते हैं।


डॉ आशीष विश्वास ने बताया कि इससे ग्रसित बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, थायराइड विकार, स्लीप एपनिया, बहरापन एवं ब्लड कैंसर का खतरा अधिक रहता है। उन्होंने बताया कि इसका पूरी तरह कोई इलाज नहीं है परंतु जल्दी पहचान एवं आधुनिक चिकित्सा शिक्षा पद्धति जैसे फिजियोथैरेपी, ऑक्यूपेशन थेरेपी, स्पीच थेरेपी आदि से इन बच्चों की जीवन प्रत्याशा बढ़ाने एवं जीवन की गुणवत्ता को काफी हद तक बेहतर बनाना संभव हुआ है


डॉ अनुराग भारती ने बताया कि इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाने, समान अवसर देने एवं गले लगाने की आवश्यकता है जिससे कि यह एक स्वतंत्र जीवन जी सकें। कार्यक्रम मैं डॉ आर जी गुप्ता , डॉक्टर मनीष निगम विशिष्ट अतिथि व प्रधानाचार्य दीप्ति तिवारी एवं बड़ी संख्या में अभिभावक एवं अध्यापक उपस्थित रहे।

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