कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। ऑल इंडिया गरीब नवाज काउंसिल की माहे सयाम हेल्पलाइन में गाय-भैंस का का ज़ाकात कैसे निकाला जाए एवं अन्य पूछे गए सवालों के शरई जवाब
सवाल: यदि भरी हुई बाल्टी का पानी उपयोग के योग्य न रहे, तो उसे बर्बाद किए बिना कैसे उपयोग में लाया जा सकता है ?
जवाब: यदि भरी हुई बाल्टी में बिना वुज़ू या नापाक व्यक्ति का कोई हिस्सा, चाहे वह नाखून जितना ही क्यों न हो, पानी से छू जाए, तो वह पानी ‘मुस्तामल’ (अर्थात् उपयोग किया हुआ) हो जाता है, यानी अब वह उपयोग के योग्य नहीं रहता। यदि आप इस पानी को पुनः उपयोग में लाना चाहते हैं, तो ऊपर से इतना पाक (स्वच्छ) पानी डालें कि बाल्टी उफनने लगे। इस प्रकार सारा पानी पाक हो जाएगा।
सवाल: मैं गाय-भैंस का व्यापार करता हूँ। क्या मुझे उनकी संख्या पर ज़कात अदा करनी होगी या कैसे?
जवाब: यदि गाय-भैंस का उद्देश्य व्यापार है, न कि दूध या बच्चे आदि के लिए, तो ऐसी स्थिति में गाय-भैंस की संख्या पर ज़कात नहीं है, क्योंकि वे व्यापार के उपकरण के समान हैं। उनसे प्राप्त होने वाली आय पर ज़कात वाजिब है, बशर्ते कि वह कमाई रोज़मर्रा के खर्चों से बचकर, कर्ज़ से मुक्त होकर, निसाब (निर्धारित सीमा) के बराबर हो, और उस पर एक साल गुजर चुका हो, तो ज़कात वाजिब है।
सवाल: मस्जिद में जूते या चप्पल पहनकर जाना क्या गुनाह है, और यदि जूते नए हों तो क्या हुक्म है?
जवाब: मस्जिद में जूते या चप्पल पहनकर जाना सख्त नापसंद और आदाब-ए-मस्जिद (मस्जिद के आदाब) के खिलाफ है, चाहे वे नए ही क्यों न हों। जूते-चप्पल का प्रचलन ही रज़ालत (अधमता) का है, सम्मान का नहीं।
सवाल: यदि रोज़ा रखा और सदक़ा-ए-फ़ित्र अदा नहीं किया, तो क्या रोज़ा हुआ या नहीं?
जवाब: रोज़ा हो गया, क्योंकि रोज़े की सेहत (सही होना) और अदम सेहत (गलत होना) का आधार सदक़ा-ए-फ़ित्र नहीं है। सुबह सादिक़ (फ़ज्र) से लेकर ग़ुरूब-ए-आफ़ताब (सूर्यास्त) तक रोज़े की नीयत से खाना, पीना और हमबिस्तरी से रुका रहा, तो रोज़ा सही हो गया। हालांकि, रोज़े की क़बूलियत (स्वीकार्यता) के संबंध में हदीस-ए-नबवी में इरशाद (निर्देश) हुआ है कि जब तक व्यक्ति (मालिक-ए-निसाब) सदक़ा-ए-फ़ित्र अदा नहीं करेगा, उसका रोज़ा ज़मीन और आसमान के बीच मुअल्लक़ (लटका) रहता है।
माहे स्याम हेल्प लाइन में मुफ्ती हज़रात व उलमा ए अहले सुन्नत के व्हाट्सअप व कॉन्टेक्ट नंबर्स
- मुफ्ती मोहम्मद इलियास खां नूरी (मुफ्ती आजम कानपुर) 9935366726
- मुफ्ती मोहम्मद हाशिम अशरफी 9415064822
- मुफ्ती मोहम्मद महताब आलम कादरी मिस्बाही 9044890301
- मौलाना फतेह मोहम्मद कादरी 9918332871
- मुफ्ती महमूद हस्सान अख्तर अलीमी 9161779931
- मौलाना कासिम अशरफी मिस्बाही (ऑफिस इंचार्ज) 8052277015
- मौलाना गुलाम हसन क़ादरी 7897581967
- मुफ्ती गुल मोहम्मद जामई अशरफी 8127135701
- मौलाना सुफियान अहमद मिस्बाही 9519904761
- हाफिज़ मोहम्मद अरशद अली अशरफी 8896406786
- जनाब इकबाल अहमद नूरी 8795819161