कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। भारतीय बाल रोग अकादमी (IAP) द्वारा IAP Presidential Action Plan-2025 के अंतर्गत “पिंक फुटस्टेप: पोषण और ज्ञान के लिए सक्रिय हस्तक्षेप एनीमिया की रोकथाम की दिशा में एक कदम” विषय पर कार्यशाला का आयोजन हेरिटेज होम, स्वरूप नगर में किया गया। इस अवसर पर शहर के लगभग 65 बाल रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन IAP कानपुर शाखा के सचिव डॉ अमितेश यादव एवं अध्यक्ष डॉ रोली मोहन ने किया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल्यावस्था में एनीमिया की पहचान, रोकथाम और उपचार के आधुनिक तरीकों पर चर्चा करना था।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अजीत सक्सेना ने एनीमिया के कारणों और लक्षणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह रोग शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के कारण होता है, जिससे थकान, सांस फूलना, चक्कर आना और त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण उभरते हैं।
डॉ यशवंत राव ने संतुलित आहार के महत्व पर बल देते हुए कहा कि पत्तेदार सब्जियां, फल और आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को नियमित भोजन में शामिल करना चाहिए।

डॉ जी.एस. चौधरी ने अनुवांशिक रक्त विकारों की पहचान, स्क्रीनिंग और असुरक्षित बच्चों की देखभाल के उपायों पर जानकारी दी। कार्यशाला में डॉ जे.के. गुप्ता, डॉ प्रियांका वर्मा सहित कई विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए।
इस अवसर पर डॉ राज तिलक, डॉ वी.एन. त्रिपाठी, डॉ आशीष विश्वास, डॉ अनुराग भारती सहित अनेक प्रतिष्ठित चिकित्सकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम ने एनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध किया।