राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया त्रिवेणी रोपण, पर्यावरण और मातृ सम्मान का दिया संदेश

बाराबंकी (अबुशहमा अंसारी) “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” वृक्षारोपण महाअभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बाराबंकी के कैंट परिसर में पीपल, बरगद और नीम का त्रिवेणी रोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व जनसामान्य की उपस्थिति में पौधारोपण का यह कार्यक्रम मातृ सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बना।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि माँ के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक राष्ट्रीय संदेश है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण हेतु नागरिकों से छोटे-छोटे बदलाव अपनाने की अपील की, जैसे साइकिल का प्रयोग, जल-संरक्षण और प्रदूषण से बचाव। उन्होंने रोपित पौधों की नियमित देखभाल को भी अत्यंत आवश्यक बताया।

इस अवसर पर राज्य सरकार के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, जिलापंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, विधायक कुर्सी साकेन्द्र प्रताप वर्मा, विधान परिषद सदस्य अंगद सिंह व अवनीश सिंह पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद मौर्य, सचिव बेसिक शिक्षा सारिका मोहन, कर्नल नेहा भटनागर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुराधा विमुरी, मुख्य वन संरक्षक अदिति शर्मा, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय, मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन व डीएफओ आकाश दीप बधावन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

वृक्षारोपण के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए,कचनार, गुलमोहर, बाटलब्रश और कदंब सहित। राज्यपाल द्वारा बनायी गई लघु फिल्म “एक पेड़ माँ के नाम” का लोकार्पण भी किया गया।

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी किट, पोषण पोटली, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र और ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट वितरित किए गए। राज्यपाल ने टीबी मरीजों को 101 पोषण पोटलियाँ वितरित करने की पहल की सराहना की और आह्वान किया कि अन्य औद्योगिक इकाइयाँ भी इस मुहिम से जुड़ें।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि कृषकों को वृक्षारोपण हेतु इच्छित प्रजातियाँ उपलब्ध कराना और मियावाकी पद्धति से पौधारोपण कराना पर्यावरण व आयवृद्धि दोनों के लिए लाभकारी है।

जिला प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्कूली बच्चों व नागरिकों की सहभागिता से यह आयोजन जनसहभागिता का आदर्श उदाहरण बन गया।