मय्यत के नमाज़ और रोज़ा के कफ़्फ़ारे का हुक्म
कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। मय्यत के नमाज़ और रोज़ा के कफ़्फ़ारे के बदले क़ुरान मजीद देना काफ़ी नहीं
कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। मय्यत के नमाज़ और रोज़ा के कफ़्फ़ारे के बदले क़ुरान मजीद देना काफ़ी नहीं
कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। 11/मार्च को पूछा गया कि किन हालात में रोजा न रखने की इजाजत है एवं अन्य दूसरे सवालों के जवाब इस प्रकार हैं
कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। 9 मार्च को माहे स्याम हेल्प लाइन में रोज़े की हालत में बुरी बातों का हुक्म है पूछा जाने वाला पहला सवाल था
कानपुर।मोहम्मद उस्मान कुरैशी। 7 मार्च। सदक़ा ए फ़ित्र रोज़े में होने वाली ख़ता और ग़लतियों का मदावा है, गरीब की ग़रीबी को ख़त्म करने और मोहताज की मोहताजी को दूर…
कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। 7 मार्च को माहे स्याम हेल्प लाइन पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर इस तरह हैं। सवाल: क्या मामूली तकलीफ की वजह से रोज़ा तोड़ सकते…
कानपुर: (मोहम्मद उस्मान कुरैशी) ऑल इंडिया गरीब नवाज काउंसिल ने रमजान के मुकद्दस के पेशे नजर हर साल की तरह इस साल भी माहे रमज़ान हेल्प लाइन का आग़ाज़ किया…