महिलाओं की महफिल में गूंजी या हुसैन की सदा
महिलाओं की महफिल में गूंजी या हुसैन की सदा, इमाम हुसैन कल भी जिंदा थे, आज भी जिंदा हैं और क़यामत तक जिंदा रहेंगे
महिलाओं की महफिल में गूंजी या हुसैन की सदा, इमाम हुसैन कल भी जिंदा थे, आज भी जिंदा हैं और क़यामत तक जिंदा रहेंगे