बज़्मे- एवाने- ग़ज़ल के ज़ेरे- एहतमाम माहाना तरही मुशायरे का आयोजन
बज़्मे- एवाने- ग़ज़ल मुशायरे में बहुत ज़ियादा पसन्द किए जाने और दादो- तहसीन से नवाज़े जाने वाले अशआर का इंतिख़ाब पेश है मुलाहिज़ा फ़रमाएं!
बज़्मे- एवाने- ग़ज़ल मुशायरे में बहुत ज़ियादा पसन्द किए जाने और दादो- तहसीन से नवाज़े जाने वाले अशआर का इंतिख़ाब पेश है मुलाहिज़ा फ़रमाएं!