दादा मियां के उर्स की तैयारियाँ जोरों पर, ऐतिहासिक सद्भाव का प्रतीक
बैठक को संबोधित करते हुए सज्जादानशीन एवं मुतवल्ली हज़रत सैयद अबुल बरकत नजमी ने दरगाह के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "1857 की गदर (क्रांति) के समय से…
बैठक को संबोधित करते हुए सज्जादानशीन एवं मुतवल्ली हज़रत सैयद अबुल बरकत नजमी ने दरगाह के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "1857 की गदर (क्रांति) के समय से…