जश्न-ए-ताजदारे बग़दाद का शानदार आयोजन
नातख़्वां हज़रात ने नात व मनकबत पेश किए आशिक़ान-ए-रसूल या रसूल अल्लाह और या ग़ौस-ए-आज़म के नारे लगाते रहे और फ़ज़ा ज़िक्र-ए-मुस्तफ़ा से गूंजती रही मौलाना फतेह मोहम्मद क़ादरी ने…
नातख़्वां हज़रात ने नात व मनकबत पेश किए आशिक़ान-ए-रसूल या रसूल अल्लाह और या ग़ौस-ए-आज़म के नारे लगाते रहे और फ़ज़ा ज़िक्र-ए-मुस्तफ़ा से गूंजती रही मौलाना फतेह मोहम्मद क़ादरी ने…