JRF एवं NET क्वालीफाईड छात्राओं को सम्मानित किया गया
बाराबंकी।अबू शहमा अंसारी। छात्र-छात्राओं के चेहरे पर खुशी देखना चाहती हूँ और यह खुशी छात्र-छात्राओं के चेहरे पर तब आती है जब वो किसी परीक्षा या प्रतियोगिता में सफल होते…
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP): उद्देश्य, गतिविधियाँ और विवाद
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) भारत का एक प्रमुख छात्र संगठन है, जिसकी स्थापना 1949 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के छात्र विंग के रूप में हुई। यह संगठन "राष्ट्र…
पत्रकार राघवेन्द्र बाजपेई के हत्यारो को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए: हाशिम रिजवी
लखनऊ।अबू शहमा अंसारी। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद में पत्रकार राघवेन्द्र बाजपेई की हुई हत्या से पूरे प्रदेश के पत्रकारों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन उत्तर (पूर्वाचल)…
बोधगया के संरक्षण और विकास के लिए पैदल प्रदर्शन
कानपुर।मोहम्मद उस्मान कुरैशी। भारतीय दलित पैंथर के तत्वाधान में बोधगया के संरक्षण और विकास के लिए पैदल प्रदर्शन कर भारी संख्या में लोग जिलाधिकारी, कानपुर नगर को संदर्भित ज्ञापन सौपा
झूठ ग़ीबत चुग़ली एवं गाली गलौज से रोज़े पे क्या फर्क़ पड़ता है
कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। 10 मार्च को माह ए स्याम हेल्प लाइन में झूठ ग़ीबत चुग़ली एवं गाली गलौज से रोज़े पे क्या फर्क़ पड़ता है एवं अन्य प्रश्न पूछे…
आरएसएस का न्यायपालिका पर क़ब्जा
भारत की न्यायपालिका पर आरएसएस के बढ़ते प्रभाव को लेकर कई रिपोर्ट्स और विश्लेषण सामने आए हैं। जिस में यह दावा किया जा रहा कि आरएसएस का न्यायपालिका पर क़ब्जा…
रोज़े की हालत में बुरी बातों का हुक्म
कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। 9 मार्च को माहे स्याम हेल्प लाइन में रोज़े की हालत में बुरी बातों का हुक्म है पूछा जाने वाला पहला सवाल था
आँसू या पसीना मुँह में चला जाए तो क्या रोज़ा टूट जाएगा?
कानपुर।मोहम्मद उस्मान कुरैशी। 8 मार्च को माहे स्याम हेल्प लाइन पर पूछे गए सवाल: अगर आँसू या पसीना मुँह में चला जाए तो क्या रोज़ा टूट जाएगा?
अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संगोष्ठि का आयोजन
गोरखपुर। मोहम्मद अशफ़ाक। 08 मार्च, 2025 को सेण्ट ऐण्ड्रयूज कॉलेज, गोरखपुर के विधि विभाग द्वारा अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक संगोष्ठि का आयोजन किया गया
सदक़ा-ए-फ़ित्र रोज़े में होने वाली ख़ता और ग़लतियों का मदावा है
कानपुर।मोहम्मद उस्मान कुरैशी। 7 मार्च। सदक़ा ए फ़ित्र रोज़े में होने वाली ख़ता और ग़लतियों का मदावा है, गरीब की ग़रीबी को ख़त्म करने और मोहताज की मोहताजी को दूर…