ऑनलाइन माल-ए-तिजारत पर जकात का हुक्म
कानपुर।मोहम्मद उस्मान कुरैशी। ऑनलाइन माल-ए-तिजारत बुक कराया और साल गुजरने के बाद कब्जा किया तो गुजिश्ता साल की जकात भी वाजिब आल इंडिया गरीब नवाज कौंसिल के ज़ेर-ए-एहतिमाम माह-ए-सियाम हेल्पलाइन…
कानपुर।मोहम्मद उस्मान कुरैशी। ऑनलाइन माल-ए-तिजारत बुक कराया और साल गुजरने के बाद कब्जा किया तो गुजिश्ता साल की जकात भी वाजिब आल इंडिया गरीब नवाज कौंसिल के ज़ेर-ए-एहतिमाम माह-ए-सियाम हेल्पलाइन…
कानपुर।मोहम्मद उस्मान कुरैशी। तिलावत करता है लेकिन अमल नहीं करता, तो क्या तिलावत का सवाब मिलेगा? इसका और दूसरे अन्य प्रश्न के उत्तर इस प्रकार हैं.
कानपुर।मोहम्मद उस्मान कुरैशी। सवाल: मिस्वाक करते वक्त मिस्वाक के कुछ रेशे रोज़ेदार के हलक के नीचे उतर गए, तो क्या रोज़ा टूट जाएगा?
कानपुर।मोहम्मद उस्मान कुरैशी। कानपुर प्रेस क्लब में रोज़ा अफतार का आयोजन कर आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया।
कानपुर।मोहम्मद उस्मान कुरैशी। ऑल इंडिया ग़रीब नवाज़ काउंसिल के तहत माह-ए-सियाम हेल्पलाइन में पूछा गया सवाल गंभीर बीमार व्यक्ति का रोज़ा छोड़ना जायज़, अथवा नाजायज़? एवं अन्य सवालों के जवाब
कुछ लोगों का ख्याल है कि, 'होली, दीपावली, ईद, क्रिसमस, ये सब किसी विशेष धर्म की जागीर हैं' ऐसा नहीं है, होली दीपावली पर और अन्य बहुत से पर्वों पर…
जवाब: नफ़्ल रोज़ा बिना वजह तोड़ देना नाजायज़ है। मेहमान के साथ अगर मेज़बान न खाएगा तो उसे नागवार होगा या मेहमान अगर खाना न खाए तो मेज़बान को अज़ीयत…
कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। 12 मार्च सवाल: रोज़े का फिदया क्या है? और अगर मय्यत ने वसीयत की हो तो फिदया का क्या हुक्म है?
कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। 11/मार्च को पूछा गया कि किन हालात में रोजा न रखने की इजाजत है एवं अन्य दूसरे सवालों के जवाब इस प्रकार हैं
कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। 9 मार्च को माहे स्याम हेल्प लाइन में रोज़े की हालत में बुरी बातों का हुक्म है पूछा जाने वाला पहला सवाल था