सिद्धार्थनगर जनपद के काशीनाथ महाविद्यालय, करौंदा खालसा में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन दिनांक 17 फरवरी 2026 से 23 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। इस विशेष शिविर के तृतीय दिवस, 19 फरवरी 2026 को विविध शैक्षिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कार्यक्रम अधिकारी जय प्रकाश के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
संवाददाता अब्दुर्रहमान सिद्धार्थनगर ph.6390663779

सिद्धार्थनगर जनपद के काशीनाथ महाविद्यालय, करौंदा खालसा में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन दिनांक 17 फरवरी 2026 से 23 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। इस विशेष शिविर के तृतीय दिवस, 19 फरवरी 2026 को विविध शैक्षिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कार्यक्रम अधिकारी जय प्रकाश के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।शिविर के प्रथम सत्र में “डिजिटल भारत एवं साइबर अपराध के प्रति जागरूकता” विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया के दुरुपयोग तथा व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग जितना सुविधाजनक है, उतना ही सावधानी की भी आवश्यकता है। विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के मूलभूत उपायों जैसे मजबूत पासवर्ड का प्रयोग, ओटीपी साझा न करना, संदिग्ध लिंक से बचना तथा साइबर हेल्पलाइन की जानकारी रखने के बारे में जागरूक किया गया।इस व्याख्यान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त, सतर्क और जिम्मेदार नागरिक बनाना था, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहें और समाज को भी जागरूक कर सकें।द्वितीय सत्र में लोकगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न पारंपरिक एवं क्षेत्रीय लोकगीत प्रस्तुत कर अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में भारतीय लोक संस्कृति के प्रति सम्मान, आत्मविश्वास तथा सामूहिकता की भावना का विकास हुआ। उपस्थित शिक्षकों एवं शिविरार्थियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और कार्यक्रम की सराहना की।

राष्ट्रीय सेवा योजना के इस सात दिवसीय शिविर का उद्देश्य केवल सेवा कार्यों तक सीमित न होकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है।महाविद्यालय प्रशासन ने शिविर की सफलता के लिए सभी स्वयंसेवकों, शिक्षकों एवं सहयोगियों की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि आगामी दिनों में भी इसी उत्साह और समर्पण के साथ कार्यक्रमों का संचालन होता रहेगा।