कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी।आज अंजुमन फिरदौसिया की पहली मजलिस शुरू हुई इसमें सबसे पहले शायरों ने अपने कलाम इमाम हुसैन की बारगाह में पेश किया जिनमें ताज कानपुरी इशरत उतरौलवी, हसन महमूदाबादी आदि प्रमुख थे मजलिस को फतेहपुर से तशरीफ लाए मौलाना दानिश नक़वी साहब ने कहा इस्लामी नियमों की रक्षा करते हुए यजीद के पैरोकारों से जंग हुई जब वह सुबह की नमाज अदा कर रहे थे तो फासिक और फाजिर यजीद की सेना से तीर हुसैनी के खेमों की ओर आने लगे। मौलाना ने कहा कि यजीदी सेना से 72 अकीदतमंद इमाम से इजाजत लेकर एक-एक कर कर्बला के मैदान में गए और यजीद के इस्लाम विरोधी चरित्र के खिलाफ डटकर मुकाबला किया और शहीद हो गए।

सच और झूठ की इस जंग में इस्लाम का सर बुलंद करते हुए इमाम हुसैन ने अपनी कुर्बानी दे दी इस मजलिस के बाद शिया जामा मस्जिद मक़बरा ग्वालटोली से अलम का जुलूस निकला जो मक़बरा मैदान होता हुआ हुसैनी चौक पर पहुंचा जहां शब्बेदारी का सिलसिला शुरू होगया।

जहां पूरी रात अंजुमन हाय मातमी इमाम हुसैन की बारगाह में सलाम पेश किया। अंजुमन रिज़विया,अंजुमन मोईन अल-मोमेनिन अंजुमन मजलूमिया अंजुमन हुसैनी ब्रदर्स अंजुमन शब्बीरिया, और अंजुमन पंजेतनी ,अंजुमन मोहम्मदी मोइनुल अजा अंजुमन मासूमिया,अंजुमन अनवारे पंजतनी ,अंजुमन जुल्फीकारे हैदरी अंजुमन हैदरी अंजुमन रजाए इस्लाम अंजुमन गुलदस्ते हैदरी, अंजुमन औन ओ मुहम्मद, वा मेहमान अंजुमन शम्मे हुसैनी,अंजुमन अलमदारे हुसैनी बालीपुर व अंजुमन हैदरिया ने हज़रत इमाम हुसैन को श्रद्धांजलि अर्पित की। मेजबान अंजुमन फिदौसिया ने भी सलाम के माध्यम से करबला के प्यासे शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौक़े पर अनवार अहमद सज्जादी,शाहिद जाफरी ,आसिफ अब्बास, नज़रे आलम जाफरी, एहसान हुसैन ,आदिल रिज़वी, आमिर रिज़वी, आसिफ रिज़वी ऐमन रिज़वी, मुंतजिर हसन, हाजी वाजिद अली रिज़वी, डा जुल्फिकार अली रिज़वी, हाजी गुलाम मुस्तफा, हसनैन आबिदी,शकील जाफरी , फजले हैदर, अख्तर हुसैन, आदिल रिज़वी ,आरिफ रिज़वी, अस्करी रिज़वी, ईमरान आबिदी, जनरल सेक्रेटरी तालिब सज्जादी, ताज कानपुरी फिरदौस आलम ,हसनैन असगर, रईसुल हसन, हसन अलम जाफरी,, अफ़सर हुसैन ,नकी हैदर ,हैदर रेज़ा ,डा.अयाज़ हैदर रिज़वी, फुरकान हैदर रिज़वी, जवाज़ हैदर रिज़वी, नज़ीर हैदर रिज़वी, सकलैन सज्जादी, डा. जमाल ज़ैदी,मजहर अब्बास, मूसा रिज़वी , और ताज मिर्ज़ा मौजूद रहे।