कानपुर (मोहम्नमद उस्वामान कुरैशी) नवाबगंज बड़ी कर्बला में शिया मुस्लिम ख्वातीन ने पैगम्बरे इसलाम की दुख्तर जनाबे फातिमा ज़हरा के यौमे शहादत की याद में मजलिसे अज़ा बरपा की और ताबूत के साथ जुलूस निकाला हुसैनी फैडरेशन ने कैम्प लगा कर चाय और पानी तकसीम किया,अंजुमन मोइनुलमोनीन ने लंगर का आयोजन किया काशिफ़ नक़वी की जानिब से ज़ायरीन के लिये कॉफ़ी का इंतज़ाम किया गया


कानपुर गुरुवार आज यहॉ बड़ी कर्बला नवाबगंज पुराना कानपुर में पैगम्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद की दुख्तर जनाबे सय्यदा फात्मा जहरा मासूम-ए-आलम का 1435वां यौमे शहादत मनाया गया। हुसैनी फेडरेशन के मीडिया इंचार्ज डा० जुल्फिकार अली रिज़वी ने बताया कि आज नौचंदी जुमेरात को सुबह दस बजे से ताबूत और जुलूस मासूम-ए-आलम में शिरकत के लिये शिया मुस्लिम ख्वातीन का बड़ी कर्बला आना शुरू हो गया था।

11 बजे दिन तक बड़ी तादात मे कनीज़ाने सैय्यदा कर्बला पहुंच चुकी थी इसी वक्त मज़लिसे अज़ा बरपा की गई जिसे मोहतरमा दरख्शा बेगम ने मजलिस को खिताब करते हुए जनाब फातमा जहरा की जिन्दगी पर रोशनी डालते हुए कहा कि बीबी फात्मा जहरा दुख्तरे रसूल (स०) ने अपने घर की कनीज़ जनाबे फिज्जा से हफ्ते में तीन दिन काम लेकर और तीन दिन घर का काम खुद कर कर दुनिया को वो बराबरी का दर्स दिया जिसकी मिसाल दुनिया पेश नही कर सकती।

ज़ाकेरा दरख्शा बेगम ने कहा कि फात्मा ज़हरा मासूम-ए-आलम को जिस वक्त अपनी वफात का एहसास हुआ उन्होंने अपने शोहर शेरे खुदा हज़रत अली को वसीयत फरमाई के मेरा जनाज़ा शब की तारीकी में उठाया जाये उनकी वसीयत को पूरा किया गया । तकरीर को आगे बढ़ाते हुए दरख्शा बेगम ने कहा कि जनाबे फात्मा ज़हरा ने अपनी पूरी जिन्दगी में पर्दे का खास ख्याल रखते हुए हाथों में दस्ताने और पैरों में मौज़े का इस्तेमाल किया इस तरह शरीयते मोहम्मदी का रहती दुनिया तक की ख्वातीन को परदे का पैगाम दिया।

इसके बाद हुसैनी हाल बड़ी कर्बला से जुलूसे ताबूत कर्बला परिसर में निकाला गया जुलूस की कयादत मोहतरमा चंदा बेगम कर रही थी जुलूस में तकरीबन 3000 महिलाओं ने शिरकत की जो ज्यादातर काले लिबास में थीं। महिलायें कानपुर व आसपास के कस्बों से आयी थी, ये जुलूसे कर्बला में 3 बजे तक पर्दे की पाबन्दी के साथ गश्त करता रहा, गश्त के दौरान रूबी मिर्ज़ा, शीबा रिजवी, सबा रिजवी, सानिया ज़हरा ने नौहा ख्वानी और मातम के ज़रिये बारगाहे मासूम ए आलम में नज़रानये अकीदत पेश किया।

कर्बला के गेट पर हुसैनी फेडरेशन ने कैम्प लगा कर अकीदतमंदों को चाय व पानी तकसीम किया। पुलिस का भी माकूल इन्तेज़ाम था। हुसैनी फेडरेशन के कैम्प में हाजी कबीर ज़ैदी,अली अख़्तर रिज़वी, परवेज़ जैदी, रईसुल हसन,डा० जुल्फिकार अली रिज़वी,मुशर्रफ डुसैन, रज़ी अब्बास , एहसान हुसैन, काशिफ़ नक़वी,युसुफ जाफरी, मोहम्मद अब्बास,नाज़ आलम,राजा ज़ैदी,महताब आलम,आसिम हुसैन,अम्मार,फुरकान हैदर रिज़वी,ताजदार ज़ैदी मौजूद थे।

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