मौदहा हमीरपुर। कस्बे में संचालित जिले के सबसे चर्चित मदरसा शेख अब्दुल कादिर जीलानी कम्हरिया रोड की जांच के बाद अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल ने मदरसा संचालन पर रोक लगा दी थी।जिसके बाद मदरसा काफी समय से बंद चल रहा था।लेकिन उसी मामले की बार बार जांच होने के बाद मदरसा संचालकों के प्रतिनिधि मंडल ने उपजिलाधिकारी को ननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश की कापी के साथ एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कहा गया है कि उक्त मदरसा उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड से सम्बद्ध नहीं है और मान्यता लेना भी अनिवार्य नहीं है और मदरसा संचालकों की ओर से जमीयत उलेमा ए हिंद के नेतृत्व में एक याचिका उच्चतम न्यायालय में डाली गई थी।
जिसका संज्ञान लेते हुए माननीय उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और सचिव उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी।लेकिन अधिकारियों द्वारा बार बार मदरसे की जांच के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। इस दौरान मोहम्मद हासिम, मुफ्ती हातिम, महमूद हसन,जमशेद अहमद और आफ्ताब अहमद मौजूद रहे।
