कानपुर (मोहम्मद उस्मान कुरैशी) विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भारतीय दलित पैंथर के तत्वावधान में भारत रत्न, परमपूज्य बोधिसत्व डॉ० बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी के 68वें महापरिनिर्वाण दिवस पर 6 दिसम्बर 2024 को छोटी पार्क मैकरावर्टगंज, कानपुर नगर में दोपहर 12:00 बजे से श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया।

सभा के पूर्व तथागत गौतम बुद्ध एवं बाबा साहब अम्बेडकर के चित्र पर पुष्य अर्पित किया गया तथा दीप प्रज्जवलित कर त्रिसरन एवं पंचशील का पाठ किया गया। डॉ० बाबा साहब अम्बेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुये आये हुये अतिथिगणों ने अपने वक्तव्य में कहा कि डॉ० बाबा साहब अम्बेडकर नाम नहीं आन्दोलन है। नाम नहीं भारत वर्ष का सरताज हैं। नाम नहीं भारत वासियों का हृदय है। नाम नहीं समूचे विश्व का दिल है।

सही मायने में बाबा साहब अम्बेडकर सिर्फ इन्सान ही नहीं वह दलितों, मजबूरों, मजलूमों, मजदूरों तथा महिलाओं के भगवान हैं। आज बाबा साहब अम्बेडकर जी हमारे बीच नहीं हैं किन्तु उनके विचार, उनके संदेश और मानवता वादी संघर्ष हमारे बीच विद्वमान है। भारतीय दलित पँथर के प्रान्तीय अध्यक्ष पैंथर धनीराम बौद्ध ने कहा कि हमें बाबा साहब के विचारों, आदर्शों एवं उनके पद चिन्हों पर चलने की उनके अधूरों कारवां को आगे बढ़ाने तथा उनके सपनों को साकार करने का यही बाबा साहब अम्बेडकर को सच्ची श्रृद्धांजलि होगी।

श्रृद्धांजलि सभा में आये हुए अतिथिगणों सरदार हरविन्द सिंह लार्ड, पवन गुप्ता, मनोज सिंह, मुशीर तरिन, पॉस्टर जितेन्द्र सिंह, पॉस्टर सैमुअल सिंह, सैय्यद तौफिक अहमद (साजिद सर), विनोद पाल, इंजी० कोमल सिंह आदि ने भी डॉ० बाबा साहब अम्बेडकर जी के जीवन पर रोशनी डाली ।

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