परिजनों का आरोप – ऑपरेशन के बाद भी बिगड़ती गई मरीज की स्थिति, अस्पताल प्रबंधन इलाज से कर रहा इनकार
दुबग्गा। लखनऊ। हरदोई रोड स्थित तुलसी अस्पताल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्राम मवई, थाना औरास, जनपद उन्नाव निवासी राजेन्द्र कुमार ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके भाई विनोद कुमार का सही इलाज न करके अस्पताल ने 3.50 लाख रुपये वसूल लिए और अब मरीज को जबरन घर ले जाने का दबाव बनाया जा रहा है।
राजेन्द्र कुमार के अनुसार, उनके भाई विनोद की तबीयत 31 मई को अचानक खराब हुई थी। पहले उन्हें रहीमाबाद स्थित कुन्दन अस्पताल में दिखाया गया, जहां से डॉ. सत्य प्रकाश ने उन्हें तुलसी अस्पताल रेफर किया। तुलसी अस्पताल में कहा गया कि विनोद की आंत का ऑपरेशन करना पड़ेगा और खर्च 3.5 लाख रुपए आएगा। परिजनों ने गांव में खेत गिरवी रखकर पैसे का इंतजाम किया और ऑपरेशन करवाया।
हालांकि, ऑपरेशन के तीन दिन बाद ही मरीज को फिर कुन्दन अस्पताल भेज दिया गया। वहां टांकों में सूजन आ गई, जिसके बाद दुबारा दूसरी जगह ऑपरेशन किया गया। मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई – पेट में पाइप, पेशाब की नली और सांस की परेशानी के चलते अब स्थिति गंभीर बनी हुई है।
राजेन्द्र का कहना है कि अस्पताल अब 2 लाख रुपए और मांग रहा है, वरना मरीज को घर ले जाने का दबाव बना रहा है। परिवार की आर्थिक हालत पहले ही खराब है और अब मरीज की जान भी संकट में है।