लखनऊ: शहर के मदेयगंज थाने के अंतर्गत एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें वादी के भाई पर जानलेवा हमला किया गया। इस मामले में दो मुख्य “गैंगस्टर”आरोपी आलोक मिश्रा और अपराधी रोहित निषाद को फरार घोषित किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी देते हुए सार्वजनिक घोषणा की है।
पुलिस पर भारी दबाव
प्राप्त सूचना अनुसार पीड़ित परिवार अभी तक न्याय की आस लगाये हुए है किन्तु पुलिस को अभी तक इस मामले में कोई कामयाबी नहीं मिल पाई है। जानलेवा हमला के दोनों आरोपी मौके से फरार चल रहे हैं । इस घटना को लेकर पुलिस भारी दबाव में है । अभी तक पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिली। इस बात को लेकर पुलिस पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं ।
जनमानुस में पुलिस की हालिया कार्रवाई को लेकर काफी आक्रोश पाया जा रहा है । पुलिस करवाई के साथ साथ उसकी कार्यशैली और नियत पर भी शक बढ़ता गया है । हालाँकि पुलिस का कहना है कि वह हर संभव परियास कर रही है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा ।
थाना मदेयगंज पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि अगर आरोपी शीघ्र आत्मसमर्पण नहीं करते, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी। यह कदम आरोपियों को न्याय के सामने प्रस्तुत करने के लिए उठाया गया है।
इस जानलेवा हमला की जांच और कार्रवाई के लिए पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया है। इस टीम में एसएसआई रामदास, एसआई अमरनाथ, एसआई निसार अहमद, कांस्टेबल आशीष भदौरिया और कांस्टेबल पवन कुमार शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और क्षेत्र के निवासियों से सहयोग की अपील की है।
घटना से क्षेत्र में तनाव का माहौल है, और पुलिस इस मामले को शीघ्र सुलझाने के लिए तत्परता से प्रयासरत है। फिल्हाल पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में अभी और कितना समय लेगी इस पर पीड़ित परिवारों का ध्यान केन्द्रित है।
