सिद्धार्थनगर। बनगाई स्थित एम.आई. पब्लिक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस का पर्व इस बार विशेष उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर देशभक्ति की भावना से सराबोर रहा और बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियों के जरिए आजादी के जज्बे को जीवंत कर दिया। इस अवसर पर विद्यालय ने स्वतंत्रता के 79वें वर्षगांठ दिवस का आयोजन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान श्री गिरधारी लाल सोनी, विशिष्ट अतिथि उप-प्रबंधक साजिद शेख तथा विद्यालय प्रबंधक एम.के. शेख उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के बाद मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी गई। पूरे वातावरण में जब राष्ट्रीय ध्वज लहराया, तो छात्र-छात्राओं की आवाज़ में गूंजते राष्ट्रगान ने माहौल को और भी गरिमामय बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक और देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति गीतों, कविताओं और नृत्य ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा निकाली गई प्रभात फेरी ने लोगों को आजादी के अमृत महोत्सव के महत्व से अवगत कराया।
प्रबंधक एम.के. शेख ने अपने संबोधन में कहा कि 15 अगस्त का दिन केवल हर्षोल्लास का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह उन बलिदानियों को स्मरण करने का दिन भी है जिन्होंने अपनी जान न्यौछावर कर देश को आजादी दिलाई। उन्होंने कहा कि 1947 में मिली स्वतंत्रता ने भारत को एक नई पहचान दी और आज हम उसी आजादी का 79वां वर्षगांठ मना रहे हैं। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे इस दिन को केवल उत्सव न मानें, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को भी अपने जीवन में उतारें।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं में राम सरन सर, प्रधानाध्यापिका सविता यादव, उपप्रधानाध्यापिका प्रतीक्षा पाण्डेय, राहुल सर, अवधेश मौर्या सर, डॉ. फैज सर, हेमंत राव सर, शमसुल हुदा सर, अमीषा मिस, काजल मिस, दिनेश बौद्ध सर, अजय गुप्ता सर, अजय पाल सर, अवधेश पाल सर, राहुल मिश्रा सर, राजाराम चौधरी सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
इसके अलावा स्थानीय गणमान्य नागरिकों में सुखराम प्रजापति, बलिराम यादव, शाह आलम सिद्दीकी, अब्दुल अजीज, हसरत अली, मोहम्मद इबरान, वासुदेव शर्मा, फजल अहमद, धर्मेंद्र गौड़, नबीबक्श, बजरंगी कसौधन, राम भारती, अबरार चौधरी आदि ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ और सभी ने आजादी की इस अमूल्य धरोहर की रक्षा करने का संकल्प लिया।